Tuesday, 5 August 2014

My Hindi Poem: Future's Womb (hindi poem)

My Hindi Poem: Future's Womb (hindi poem): चाँद के तले जागी,आनेवाले कल की चिंता कल का सूरज आ गिरा है बनके रोटी का टुकड़ा मेरी थाली में मुझको ताक रहा है ? या मेरी भूख को भांप ...

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